पहले दो ब्वायज स्कूल आगे फिर आना वोट मांगने

गुरुग्राम। आजादी के सात दशक और हरियाणा का स्वर्ण जयंती वर्ष, इसमें सूबे के युवाओं के लिए भी अनेक कार्यक्रम शामिल हैं। लेकिन अहीरवाल के दिग्गज रहे राव विरेंद्र सिंह को उनके पहले ही चुनाव में जीताने सहित सूबे का प्रथम सीएम बनने तक के सफर में अहम् रोल निभाने वाले पटौदी सब डिवीजन के हेलीमंडी क्षेत्र में आजतक ब्वायज के लिए दसवीं व 12वीं तक का सरकारी स्कूल नहीं बनवाया जा सका है। केंद्र में मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के अभेद्य राजनीतिक गढ़  हेलीमंडी में ब्वायज का 10+2 स्कूल का मुद्दा एक बार फिर से गर्मा गया है। इसी मामले को लेकर हेलीमंडी आरओबी रामपुर चौराहे पर भारतीय किसान संघ के प्रदेशाध्यक्ष मास्टर ओमसिंह की अध्यक्षता में रविवार को एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया गया। आम राय ये दो टूक बात कही गई कि, खट्टर सरकार पहले ब्वायज स्कूल दे फिर आना आगे बीजेपी वोट मांगने के लिए इलाके में आए।
इस मौके पर विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि सरकारी नौकरी के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास व कालेज में एडमिशन के लिए भी यही मापदंड है। सरकार जवाब दे कि एेसे में गरीब, मजदूर, कमेरे वर्ग के बच्चे 8वीं के बाद प्राइवेट स्कूल में मोटे खर्च पर कैसे 12वीं तक पढ़ाई कर सकते हैं। जब लडक़ों के लिए 40 हजार की आबादी वाले हेलीमंडी पालिका क्षेत्र में 12वीं तक सरकारी शिक्षा की सुविधा ही नहीं तो, घर-घर में बेरोजगारी बिना बुलाए आ रही है। शासन, प्रशासन, एमएलए, सांसद को एक माह का समय दिया गया कि, हेलीमंडी में ब्वायज के 12वीं तक की शिक्षा की व्यवस्था अथवा स्कूल की घोषणा सहित पढ़ाई श़रू कराई जाए, अन्यथा बच्चों के भविष्य के लिए इलाके के तमाम अभिभावक आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे।
भजन से लेकर खट्टर सरकार तक गुहार
रविवार को सांकेतिक धरने में शामिल पालिका पार्षद श्रीपाल चौहान, सुरेश यादव, सतबीर पहलवान, कैप्टन जनक चौहान, संजय मित्तल, पूर्व हेड मास्टर मुरारी लाल सैन, राम प्रसाद सैनी, पूर्व एसडीएम चंदूलाल, परमानंद, वासुदेव, रवि चौहान, रेवाड़ी-दिल्ली यात्री संघ के अध्यक्ष पीएल वर्मा, रतन लाल, पंकज परमार, भाकिसं के जिलाध्यक्ष सुखबीर चौहान सहित अन्य ने कहा कि, सरकार की प्राथमिकता स्वास्थ्य और शिक्षा होती है। लेकिन बेहद अफसोस सहित दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि इलाके के लोग-अभिभावक भजनलाल, बंसीलाल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अब खट्टर सरकार का दरवाजा भी खटखटा चूके हैं, लेकिन गरीब, मजदूर, कमेरे वर्ग के बच्चों-लडक़ों के उज्जवल भविष्य के लिए आजतक मैट्रिक व 12वीं तक के स्कूल खोलने का एक भी गंभीर इमानदार प्रयास किया दिखाई नहीं दे रहा है। केंद्रीयमंत्री राव इंद्रजीत व एमएलए बिमला चौधरी को भी एक वर्ष पहले हेलीमंडी में 12वीं तक सरकारी स्कूल के लिए लिखित में पत्र दिए गए, परिणाम ढ़ाक के तीन पात ही सामने है।
कांग्रेसी भी पहुंचे राजनीति करने
रविवार को अभिभावकों व लोगों के  सांकेतिक धरने की सूचना पर कांग्रसी भी अपनी हाजरी लगाने के लिए पहुंचे। राज्य कांग्रेस के सचिव व एमएलए का चुनाव लड़ चुके सुधीर चौधरी ने कहा कि, उन्हें मालूम ही नहीं था कि हेलीमंडी में ब्वायज के लिए 12वीं तक सरकारी स्कूल नहीं है। उनके साथ आए अक्षय मोर्या ने कहा कि लोगों की इस मांग का समर्थन करते हैं और इस मामले में सहयोग के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी बात की जाएगी। इधर मास्टर ओम सिंह ने कहा कि हेलीमंडी-जाटौली में एमएलए शिक्षण संस्था जो कि ट्रस्ट के द्वारा संचालित है, वह नो प्रोफिट-नो लॉस के लिए संस्थापकों ने बनाई थी, मौजूदा संचालन कमेटी अब संस्था को घाटे में बताते, सरकारी अनुदान लेने के बावजूद बच्चों से मुंहमांगी फीस ले रही है। संस्था यदि इतना ही घाटे में है तो सरकार के ओवरहैंड कर देना चाहिए, क्यों कि 90′ अनुदान सरकार से मिल रहा है।
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