कब्बड्डी के कूल कैप्टन ‘अनूप’ का भव्य स्वागत

गुरुग्राम । इंडियन कब्बड्डी टीम के पूर्व कप्तान और बोनस के बादशाह कहे जाने वाले कैप्टन कूल अनूप कुमार के कब्बड्डी से सन्यास लेने के बाद रविवार को गुरुग्राम के बादशाहपुर कस्बे में उनका भव्य स्वागत किया गया । इस मौके पर कस्बे के सभी बड़े बुजुर्गो ने कैप्टन कूल अनूप कुमार को फूल माला पहनाकर, स्मृति चिन्ह और पेंटिग देकर सम्मानित किया गया । खेल के मैदान में देश के दूसरे धोनी कहे जाने वाले कब्बड्डी में बोनस के बादशाह कैप्टन कूल अनूप कुमार का शानदार प्रदर्शन अब कब्बड्डी के मैट पर कभी नहीं दिखेगा क्योंकि बोनस के बादशाह ने कब्बड्डी से सन्यास ले लिया । बीती 19 दिसंबर को कैप्टन अनूप कुमार ने कब्बड्डी से सन्यास का ऐलान कर दिया । सन्यास के बाद जब अनूप कुमार गुरुग्राम पहुंचे तो बादशाहपुर कस्बे में उनका जोरदार स्वागत किया गया । जिसमें कस्बे के सैंकड़ो ग्रामीणों ने कैप्टन कूल को फूल माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया । युवा खिलाडियों की टीम ने कैप्टन कूल को उनकी एक शानदार पेंटिग देकर सम्मानित किया । इस मौके पर कैप्टन कूल अनूप कुमार ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था । लेकिन आज वो जिस उपलब्धी पर पहुंचे हैं , इस हुनर को वो अकेडमी के माध्यम से अगली पीढी को इस लायक बनाएंगे कि गुरुग्राम से सैंकड़ो अनूप कुमार निखर कर आएं । अनूप देश की कब्बड्डी टीम के कोच बनाए जाए कैप्टन कूल अनूप कुमार ने साल 2006 में साउथ एशियन गेम्स के अपने करियर की शुरुआत की । जिसके बाद अनूप कुमार ने कभी पीछे मुड$कर नहीं देखा । साल 2010 और 2014 में हुए एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड दिलाया । साल 2014 में ही अनूप कुमार को प्रो कब्बड्डी लीग में सबसे मंहगे खिलाड़ी के तौर पर यू मुंबा की टीम ने खरीदा । 2016 में ही अनूप कुमार की कप्तानी में भारत ने कब्बड्डी विश्व कप पर भी कब्जा किया । अनूप कुमार के इसी शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें अर्जुन अवार्ड से भी नवाजा गया है । ग्रामीणों की मांग है कि जिस तरह से अनूप ने गांव के खेल कब्बड्डी को विश्व पटल पर अलग पहचान दिलाई है । इस हिसाब से अनूप कुमार को सन्यास के बाद देश की कब्बड्डी टीम का कोच बनाया जाए और गुरुग्राम में एक राष्ट्रीय स्तर की कब्बड्डी अकेडमी खोली जाए । ताकि अनूप कुमार अपने इस हुनर को आगामी पीढी को दे सके । कब्बड्डी के मैदान में बोनस के बादशाह देश में कैप्टन कूल के नाम से क्रिकेट के बादशाह महेन्द्र सिंह धोनी मशहूर है तो वहीं धोनी के बाद केवल अनूप कुमार ही है, जिनको कैप्टन कूल का तमगा मिला है । अनूप कुमार गुरुग्राम के ही पलड़ा गांव के रहने वाले हैं । कब्बड्डी के इतिहास में बोनस के बादशाह कैप्टन कूल अनुप कुमार के शानदार योगदान हमेशा सुनहरे अक्षरों में ही लिखा जाएगा ।

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