कृषि ज्ञान केन्द्र में विश्व मृदा दिवस मनाया गया

गुरुग्राम। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग गुरुग्राम द्वारा आज जिला के पुराने कृषि ज्ञान केन्द्र में विश्व मृदा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस अवसर पर जिला के लगभग 250 किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर मंडल भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ विजय यादव ने कार्यक्रम में पधारे किसानों को मिट्टी की संरचना व उसके संरक्षण के बारे में आवश्यक जानकारी दी । उन्होंने कहा कि सभी किसान भूमि की उपजाऊ शक्ति को बनाए रखने के लिए गोबर की खाद का प्रयोग करें। इसके अलावा, वे वर्मी कंपोस्ट भी तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान मिट्टी का कटाव ना होने दें और उसके लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाएं । कार्यक्रम में सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ जगबीर सिंह ने किसानों को बताया कि पौधों को 16 से 17 पोषक तत्वों की जरूरत होती है जिसके लिए मिट्टी की जांच के आधार पर बने मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दर्शाए अनुसार खाद का प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि जिला गुरुग्राम में कृषि विभाग द्वारा 61228 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए हैं । मौके पर उपस्थित मृदा परीक्षण अधिकारी डॉ सीमा चैधरी ने मृदा के नमूने लेने की विधि बताई। उन्होंने बताया कि 15 सेंटीमीटर या 6 इंच तक मृदा का नमूना खेत के विभिन्न हिस्सों से लेकर अच्छी तरह मिलाकर 500 ग्राम सैंपल कृषि विकास अधिकारी को उपलब्ध कराएं। कार्यक्रम में प्रधान वैज्ञानिक डॉक्टर के के यादव ने पशुओं के रखरखाव से मिट्टी से होने वाले पशुओं की बीमारियां व उनसे बचाव के उपाय बताएं। कृषि विभाग के कनिष्ठ अभियंता डॉक्टर बाबू राम ने बताया कि विभाग द्वारा लेजर लैंड लेवलर से खेतों को समतल बनाया जाए ताकि पानी की बचत हो सके। उपमंडल कृषि अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार ने किसानों से आग्रह किया कि किसान मिट्टी को खेतों से ना उठाएं यह हमारी धरोहर हैै। इसके अलावा कार्यक्रम में जिला किसान क्लब के उपाध्यक्ष राव मानसिंह ने मिट्टी के प्रकार जैसे-रेतीली, दोमट, काली मिट्टी, लाल मिट्टी के बारे में जानकारी दी। इन सभी प्रकार की मिट्टी में अलग-अलग प्रकार की फसल बोई जा सकती हैं। कार्यक्रम में राव संजीव कुमार ने भी मिट्टी के महत्व को लेकर अपने विचार रखें। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे इसकी उपजाऊ शक्ति को बनाए रखने के लिए परंपरागत तरीके अपनाएं और संतुलित खाद का प्रयोग करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *