माध्यमिक शिक्षा विभाग में होगा आमूल-चूल परिवर्तन

गुरूग्राम। हरियाणा के माध्यमिक शिक्षा विभाग में आमूल-चूल परिवर्तन होने जा रहा है। ऐसे संकेत आज विभाग के नवनियुक्त महानिदेशक डा. राकेश गुप्ता ने गुरूग्राम में गुरूग्राम मण्डल के अंतर्गत पडऩे वाले जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में दिए गए। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल चाहते हैं कि प्रदेश का माध्यमिक शिक्षा विभाग एक आदर्श विभाग हो। गुरूग्राम के लघुसचिवालय के सभागार में गुरूग्राम मण्डल के अंतर्गत पडऩे वाले जिलों नामत: गुरूग्राम, रेवाड़ी तथा महेंद्रगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए डा. गुप्ता ने स्पष्ट तौर पर कहा कि शिक्षा विभाग में महानिदेशक का पदभार संभालते ही उन्होंने विभाग के मुख्यालय पर बैठे अधिकारियों को पहली बात यही कही है कि हमें शिक्षकों और शिक्षार्थी की मदद करनी है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा कि अगले एक-दो महीने मेें वे माध्यमिकशिक्षा विभाग को पूरी तरह से स्ट्रीम लाईन करने जा रहे हैं ताकि शिक्षक अपने विभाग से संबंधित व्यक्तिगत कार्यों की बजाय ज्यादा समय विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा देने में ही लगाएं। उन्होंने कहा कि वे विभाग में सभी प्रकार के लंबित मामलों का निपटारा जल्द से जल्द करवाने की कोशिश करेंगे। इसके लिए वे मुख्यालय स्तर पर हर सप्ताह एक समीक्षा बैठक लिया करेंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग में अपनी प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए डा. गुप्ता ने कहा कि मुख्यालय स्तर पर शिक्षकों के सभी प्रकार के लंबित मामलों जैसे पेंशन, लोन, पदोन्नति, मैडिकल क्लेम, सर्विस बुक आदि का निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा किपहले हम अपने घर (मुख्यालय) को ठीक करेंगे और उसके बाद जिलों में व्यवस्था को ठीक किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि हम शिक्षा विभाग में हैं और हमारा काम शिक्षा का दान देना है जिसे महादान माना गया है। उन्होंने कहा कि यह संदेश शिक्षकों में नीचे तक पहुंचा दें।
उन्होंने कहा कि मुख्यालय के स्तर पर कोई दिक्कत आ रही हो तो मुझे अवगत करवाएं। साथ ही उन्होंने बताया कि अब सुगम संपर्क पोर्टल पुन: एक्टिवेट कर दिया गया है, जिस पर शिक्षक अपनी समस्याएं अपलोड कर सकते हैं। यदि पोर्टल पर समस्या का समाधान ना हो तो वट्सअप नंबर पर उन्हें भेज दें। दो सप्ताह के बाद यह नया वट्स-अप नंबर एक्टिवेट होगा जिसे वे स्वयं अपने पास रखेंगे। परंतु साथ ही डा. गुप्ता ने यह भी कहा कि पोर्टल या वट्स अप पर ट्रांसफर संबंधी अनुरोध ना भेजे। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के बारे में जिला शिक्षा अधिकारियों से सर्टिफिकेट लिया जाएगा कि उनके यहां कोई पेडेंसी नही है।
डा. गुप्ता ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग में लिटिगेशन कम करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने सभी शिक्षा अधिकारियों से कहा कि वे स्टेट लिटिगेशन पोलिसी को पढ़े और अनावश्यक लिटिगेशन को खत्म करने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यदि न्यायालय में कोई जवाब दावा दाखिल करना है तो समय रहते उसके बारे में सूचना दें और अपने स्तर पर उसे लंबित ना रखें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री चाहते हैं कि माध्यमिक शिक्षा विभाग एक मॉडल विभाग हो। इसके लिए उन्होंने अपने दिमाग में एक खाका भी तैयार कर लिया है। उनका विभाग को कंप्यूटराईज्ड करने के साथ-साथ मानव संसाधन प्रबंधन पर फोकस रहेगा जिसमें मार्च से लेकर मई माह तक स्वच्छता का कार्य करने की योजना है। डा. गुप्ता ने कहा कि विभाग में ज्यादात्तर काम ऑनलाईन होंगे और पत्राचार कम से कम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज्यादात्तर पत्र व्यवहार ऑनलाईन रहेगा। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों, अध्यापकों, कर्मचारियों आदि सभी के कंप्यूटर लर्निंग लैवल के आधार पर मैपिंग की जाएगी। डा. गुप्ता ने बैठक में उपस्थित अतिरिक्त उपायुक्तों, जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगियों से भी सुधार के उपायों के बारे में सुझाव लिए। बैठक में गुरूग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, रेवाड़ी के उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा, महेंद्रगढ़ की उपायुक्त गरिमा मित्तल के अलावा, इन जिलों के अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम, जीएम रोड़वेज, सीएमजीजीए, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सिविल सर्जन आदि ने भाग लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *