मनोहर लाल के नेतृत्व में विकास व व्यवस्था परिवर्तन का साक्षी हरियाणा : जीएल शर्मा

गुरुग्राम। हरियाणा में पहली बार बहुमत की बीजेपी सरकार के चार साल की विकास यात्रा को वरिष्ठ बीजेपी नेता और हरियाणा डेयरी प्रसंघ के चेयरमैन जीएल शर्मा ने अभूतपूर्व करार दिया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में सरकार ने जहां समान रूप से राज्य के विकास व लोगों की भलाई के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं वहीं, सामाजिक-सांस्कृतिक उत्थान व व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में भी व्यापक काम हुए। जीएल शर्मा ने मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से सरकार के चार साल की उपलब्धियों के विभिन्न आयाम मीडिया के सामने रखा। सरकार के चार साल के कामकाज के संबंध में जीएल शर्मा ने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की 10 साल के शासनकाल में विकास कार्यों में क्षेत्रवाद व भेदभाव को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी थी। सीएम मनोहर लाल ने साबित किया है कि हरियाणा की उनकी सरकार किसी क्षेत्र या वर्ग विशेष की नहीं, बल्कि समस्त हरियाणावासियों की है। इसीलिए उन्होंने हरियाणा एक और हरियाणवी एक’ का नारा बुलंद किया। बीते चार वर्षों में पूरे राज्य में एकसमान विकास कार्य हुए। सीएम मनोहर लाल ने जनहित में अबतक करीब सात हजार घोषणाएं की, जिनमें इस अवधि तक 6 हजार से अधिक पूरी हुईं हैं, जो रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया, बीजेपी सरकार के चार वर्षों में जहां हरियाणा में आधुनिक भौतिक सरंचनात्मक विकास की गति तेज हुई वहीं, लोगों में धार्मिक-सामाजिक-सांस्कृतिक व आध्यात्मिकता की भावना के साथ ही राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव को बढ़ावा मिला है। हरियाणा की स्थापना के स्वर्ण जयंती के मौके पर प्रदेश का गौरव गान और भव्य गीता जयंती ने सभी को गौरवान्वित किया। गौ-आयोग की स्थापना और गौ-अभ्यारण्य की शुरुआत के साथ गौमाता हत्या पर प्रतिबंध, लिंगानुपात में बढ़ोतरी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की दृष्टि बदलाव का वाहक सिद्ध हुआ। शासन-प्रशासन के स्तर पर पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खात्मे को लेकर सीएम मनोहर लाल ने भरपूर प्रयास किया। प्रशासन का डिजिटलीकरण, ई-सेवा, ई-टेंडरिंग आदि से जहां सरकारी भ्रष्टाचार पर लगाम लगा वहीं सिस्टम पारदर्शी हुआ। मेरिट के बल पर सरकारी नौकरियां मिलीं। सामान्य परिवारों के बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली बच्चों ने जब नौकरी प्राप्त की तो उन्हें यह विश्वास हुआ कि बीजेपी सरकार में बिना भ्रष्टाचार व भाई-भतीजावाद के भी सरकारी नौकरी मिल सकती है। उन्होंने बताया, हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है। बीजेपी सरकार ने राज्य के किसानों के लिए काफी काम किया है। हरियाणा बनने के बाद करीब 46 वर्षों में यहां के किसानों को मात्र 750 करोड़ रुपए मुआवजे के तौर पर दिये गए। जबकि, बीजेपी सरकार के चार वर्षों में किसानों को रिकॉर्ड 3200 करोड़ रुपये मिले। फसलों की लागत पर सरकार ने 50 प्रतिशत का लाभांश सुनिश्चित किया है। फसल और पशुधन बीमा योजना ने किसानों को भारी राहत प्रदान की। साथ ही, भाजपा सरकार ने किसानों की उपजाऊ जमीनों का अधिग्रहण नहीं किया। सिंचाई और जल संरक्षण को लेकर भी सरकार गंभीर रही है। राज्य में 1350 नहरी टेल हैं, जिनमें से 1343 टेलों पर सरकार के प्रयास से पानी पहुंचाया गया। प्रदेश में जल संरक्षण के क्षेत्र में 14 हजार तालाबों के संरक्षण का प्रयास काबिले-तारिफ है। मनोहर लाल सरकार ने हरियाणा में सडक़ नेटवर्क और बुनियादी ढांचे को बेहद मजबूत बनाया। चार साल के शासन काल में 1153 किमी. से अधिक लंबी 16 राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित हुईं। जबकि, इसके पहले हरियाणा की स्थापना के 46 साल में 1501 किलोमीटर की लंबाई में 14 राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित हुए थे। आज हरियाणा में 30 राष्ट्रीय राजमार्ग हो गए है जिनकी लंबाई 2655 किलोमीटर है। राज्य का सबसे बड़ा 230 किलोमीटर लंबा कुरुक्षेत्र से नारनौल बाईपास फोरलेन नेशनल हाईवे नार्थ-साउथ कॉरिडोर के रूप में बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हर जिले में मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय बनाने की की घोषणा की गई। स्थापना बिजली की दरों में आधा से अधिक कटौती जनकल्याण के क्षेत्र में सरकार का साहसिक निर्णय रहा। जीएल शर्मा ने प्रदेश की आर्थिक राजधानी गुरुग्राम को लेकर बताया कि मनोहर लाल सरकार के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में यहां आमूल-चूल परिवर्तन हुआ। शहर की व्यस्तम चौराहों पर तीन स्तरीय ट्रैफिक व्यवस्था के तहत अंडरपास बनाया गया। यहां के निवासियों और शहर में आने वालों के लिए भारी राहत मिली। सोहना रोड को भी जाम से मुक्ति के लिए 8 किमी. लंबी एलिवेटेड सडक़ बनाने की तैयारी है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण और गुरुग्राम विश्वविद्यालय की स्थापना मील का पत्थर है। उन्होंने बताया, गुरुग्राम की जनता यहां हो रहे विकास कार्यों की कायल है और उनका व्यापक समर्थन सरकार को है। मनोहर लाल सरकार के सामाजिक परिवर्तन के निर्णय के रूप में देखें तो पढ़ी-लिखी पंचायतों का गठन महत्वपूर्ण है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन व छात्रवृत्तियों के मद में भारी बढ़ोतरी का लाभ आमजन को मिला है। आर्थिक बदलाव को भी यहां व्यापक समर्थन मिला है। जीएसटी संग्रहण में हरियाणा का देश में पांचवां स्थान है। प्रशासनिक रूप से चरखी दादरी को हरियाणा का 22वां जिला बनाने से लेकर रेपिस्टों को फांसी की सजा की प्रावधान सरकार का बड़ा फैसला रहा है।

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