पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी देश की महान एवं सर्वप्रिय नेता थी: जितेंद्र भारद्वाज

गुरूग्राम। पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी देश की एक महान नेता थी और उन्होंने देश को मजबूत व दूरदर्शी नेतृत्व प्रदान किया। उनके नेतृत्व का लोहा पूरी दुनिया ने माना। उन्हीं की नीतियों के परिणामस्वरूप भारत को पाक के साथ हुए युद्घ में बड़ी जीत मिली और दक्षिण एशिया में व्याप्त अशांति का दौर समाप्त हुआ।
यह बात आज कांगे्रस नेता जितेंद्र कुमार भारद्वाज ने पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के निर्वाण दिवस पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कही। साथ ही उन्होंने देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को भी नमन करते हुए कहा कि वे देश के एक दूरदर्शी व महान सोच वाले नेता थे। विभिन्न रियासतों को तोड$कर एक सम्पूर्ण भारत के निर्माण में उनके द्वारा दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए देश उन्हें हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि देशहित में अपने प्राणों की आहुति देने वाली पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत श्रीमती इंदिरा गांधी को देश कभी नहीं भूलेगा। वे देश की एक महान व सर्वप्रिय नेता थी। उन्होंने कहा कि श्रीमती इंदिरा गांधी ने बंगला देश का निर्माण कराके उन्होंने सबको अपने मजबूत नेतृत्व का अहसास कराया। उनके इस मजबूत नेतृत्व व कार्यशैली से ही भारत को विश्व के मानचित्र पर एक मजबूत राष्ट्र के रूप में पहचान मिली। एक प्रधानमंत्री के रूप में देश ने उन पर जो भरोसा किया उन्होंने उसे सही साबित करके दिखाया।
उन्होंने कहा कि श्रीमती इंदिरा गांधी को अपने किये गए राष्ट्र हितेषी कार्यों के लिए उत्पन्न हुए खतरों का आभास था लेकिन उन्होंने अपनी जान की कभी प्रवाह नहीं की। देश से आतंकवाद का खात्मा करने के लिए वो मजबूती के साथ खड़ी रही। उनकी नजर में तो केवल देश की आन, बान और शान की रक्षा ही सर्वाेपरि फर्ज था। इसीलिए तो उस वक्त के विपक्ष के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने श्रीमती इंदिरा गंाधी को दुर्गा की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि श्रीमती गांधी ने उस समय देश में पहली हरित क्रांति की नींव रखी जब भारत में खाद्यान्नों का संकट था और उपयोगी वस्तुओं के अलावा गेहॅूं व चावल भी आयात करने पड़ते थे।
उन्होंने कहा कि श्रीमती गांधी की दूरदर्शी सोच के कारण ही आज भारत खाद्यान्नों के मामले में स्वावलम्बी होने के साथ निर्यात करने में भी सक्षम हो गया है। उन्होंने श्रीमती गंाधी को आज की भारतीय बैकिंग व्यवस्था का भी जनक बताते हुए कहा कि श्रीमती गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीय करण किया था जो कि उनका एक महत्वपूर्ण व अहम फैसला था। देश के खजाने को विदेशी मुद्रा से लबालब करने और भारतीयों के धन का बैंकिंग द्वारा राष्ट्रीय प्रयोग भी उन्हीं की देन है। साथ ही उन्होंने श्रीमती गांधी को हरियाणा की संस्थापक बताते हुए कहा कि 1966 में जब राज्यों का पुनर्गठन किया जा रहा था तब उन्होंने ही हरियाणा का निर्माण एक अलग राज्य के रूप में करवाया था। पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत श्रीमती इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान सम्पूर्ण भारत का एक समान विकास हुआ।

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