रावण को जलाकर लोगों ने मनाया दशहरा उत्सव

गुरुग्राम। विजयदशमी के अवसर पर जहां गुरुग्राम के अलग-अलग स्थानों पर बुराई के प्रतीक रावण को जलाकर लोगों ने दशहरा उत्सव मनाया, वहीं वार्ड 20 के पार्षद कपिल दुआ ने इस बार दशहरा को ऐतिहासिक बना दिया। उनके समर्थन में लगभग दस हजार लोगों ने एकजुट होकर आम जीवन में प्रचलित बुराइयों को त्यागने की शपथ ली। दशहरा पर्व के कार्यक्रम में उपस्थित विशाल जनसमूह ने एक और खास संदेश दिया कि आने वाले समय में कपिल दुआ एक बड़ी राजनैतिक ताकत बनकर उभर रहे हैं। वार्ड 20 में हर बार की भांति इस बार भी दशहरा हर्षोल्लास से मनाया गया। इस दशहरा पर्व की खास बात यह रही कि वार्ड 20 के पार्षद कपिल दुआ के समर्थन में आए दस हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने कपिल दुआ को अपना सर्वमान्य नेता मानते हुए बुराइयों को त्यागने की शपथ ली। कपिल दुआ ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दशहरा हम वर्षों से मनाते आ रहे हैं लेकिन समाज में व्याप्त बुराइयों को छोडऩे के लिए कभी कोई प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने अपने समर्थकों को शपथ दिलाई कि वे कन्या भू्रण हत्या के मामले में सजग रहें और कहीं ाी कन्या भ्रूण हत्या की जा रही है तो ऐसे लोगों को बेनकाब करें। हमें बेटी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे, तभी हमारे समाज में समानता का नारा बुलंद होगा। उन्होंने यह भी शपथ दिलाई कि वे स्वच्छता अभियान चलाकर शहर को साफ रखने में अपनी अहम जि मेदारी निभाएंगे, अधिक से अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण को शुद्ध करेंगे। इसके साथ-साथ जल संरक्षण करके भी जल बचाने के लिए वास्तविक कार्य करेंगे, क्योंकि जल ही जीवन है और जल के बिना जिंदगी की कल्पना नहीं की जा सकती। अगर अभी से ही हम जल व्यर्थ बहाना छोड़ देंगे तो यह जल संरक्षण हमारी आने वाली पीढिय़ों के लिए वरदान साबित होगा। शहर के 4-8 मरला में आयोजित कार्यक्रम में उमड़े विशाल जनसमूह ने सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रम के साथ-साथ यह स्पष्ट कर दिया कि कपिल दुआ आने वाले समय में गुरुग्राम की राजनीति में अहम भूमिका निभाएंगे। जनता ने कपिल दुआ के समर्थन में नारे लगाए और उनके द्वारा दिलाई गई शपथ यह साफ संदेश दिया कि वे कपिल दुआ के साथ हैं और आने वाले समय में कपिल दुआ को शहर के प्रमुख राजनैतिक पद पर आसीन हुआ देखना चाहते हैं। कार्यक्रम के साथ राजनैतिक गलियारों में भी इस कार्यक्रम की धमक साफ सुनाई दी गई। कई जगहों पर नेताओं में यह चर्चा का विषय था कि कपिल दुआ के समर्थन में उमड़े जनसमूह केवल दशहरा देखने ही नहीं आया था, बल्कि उनको राजनैतिक रूप से मजबूत करने आया था।

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