रावण अभिमान देखा, ज्ञान किसी ने ना देखा

वैसे तो हम सब नें रामायण देखी है, लेकिन हम में से बहुत कम लोग ही जानते होंगे रावण के छिपे हुए रहस्य आज हम आपको बताएँगे रावण के वो रहस्य जो न तो आपने टीवी पर देखें होंगे और न हि कहीं पढ़ें होंगे –
1. राक्षस वंश का नहीं था रावण :जी हाँ रावण जन्म से एक ऋषि पुत्र था भगवान विष्णु द्वारा राक्षसों के विनाश से दु:खी होकर राक्षसों के मुखिया सुमाली (रावण का नाना ) ने अपनी पुत्री कैकसी से कहा कि पुत्री! राक्षस वंश के कल्याण के लिये मैं चाहता हूँ कि तुम परम पराक्रमी महर्षि विश्रवा से विवाह करो और अपने पुत्रों में राक्षसी प्रेरणाएं उत्पन्न करो तभी हम राक्षसों की रक्षा हो सकती है जब कैकसी ने महर्षि से संतान हेतु मिलन का समय चुना, उस समय भयंकर आँधी चल रही थी। आकाश में मेघ गरज रहे थे। कैकसी जानती थी कि कुबेला में उत्पन्न गर्भ से एक विनाशी संतान ही उत्पन्न हो सकती है तभी तो एक ब्रह्मवादी महात्मा का पुत्र होने के बाद भी अपनी राक्षसी माता की प्रेरणा से रावण राक्षस हुआ
2. रावण का नाम रावण था ही नहीं :रावण कोई नाम नहीं था बल्कि यह एक पद था , राक्षसों के महाराजा को रावण पद से अलंकृत क्या जाता है, रावण का असली नाम दशग्रीव था, क्यों कि वह दस सरों वाला असाधारण बालक था रावण छह दर्शन और चार वेदों का ज्ञाता था इसलिए उसे दसकंठी भी कहा जाता है
3. जिसने यम तक को हरा दिया :कहते हैं रावण अपने विजय अभियान को लेकर यम लोक तक पहुँच गया था , जहां उसने यमराज तक को बंदी बना लिया था, वह प्रकृति के नियम बदलना चाहता था वह चाहता था मृत्यु जैसी अवस्था का अंत कर दिया जाए मगर ये संभव न हो सका
4. अद्भुत ज्ञाता था रावण :रावण एक प्रकांड पंडित था, वह रसायन और भौतिक शास्त्र का अलौकिक ज्ञाता था, वह धरती पर जन्मा प्रथम वैज्ञानिक था कुबेर से पाये पुष्पक विमान में भी उसने कई प्रयोग किये थे रावण को चारों वेदों का ज्ञाता कहा गया है। रावण को चारों वेदों का ज्ञाता कहा गया है। संगीत के क्षेत्र में भी रावण की विद्वता अपने समय में अद्व%