गुुरुग्राम के गावों में प्रवेश पर ग्राम गौरव पट लगाएं जाएंगे

गुरूग्राम। जिला गुुरुग्राम के गावों में प्रवेश पर ग्राम गौरव पट लगाएं जाएंगे, जिस पर उस गांव की गौरव गाथा लिखी होगी ताकि वहां आने वाले अजनबी व्यक्ति को भी बिना किसी से पूछे उस गांव के गौरवमयी इतिहास का पता चल सके।  गौरव पट पर गौरव गाथा लिखने के लिए प्रत्येक गांव में राज्य सरकार द्वारा एक ग्राम स्तरीय सब कमेटी का गठन किया गया है जिसमें गर्वित योजना के दो वालेंटियर, गांव के स्कूल  में नियुक्त हैड टीचर, सामाजिक अध्ययन करवाने वाले अध्यापक या एक लैक्चरर और संबंधित गांव के ग्राम सचिव को शामिल किया गया है।  इस प्रकार, इस सब कमेटी में चार से पांच सदस्य हो सकते हैं। गर्वित के उन्ही दो वालेंटियरों को इस सब कमेटी में शामिल किया जाएगा जिन्होंने गर्वित स्कीम के तहत आयोजित पांच दिन का प्रशिक्षण पूरा कर रखा हो।  जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान ने बताया कि अब तक गुुरुग्राम जिला में केवल एक गांव भौंडसी में गौरव पट लगाया गया है जोकि एक नमूने के तौर पर लगाया गया है ताकि अन्य ग्राम पंचायतें भी उसे देखकर अपने गांव का वैसा ही गौरव पट तैयार कर सकें। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गठित ग्राम स्तरीय सब कमेटी उस गांव के बड़े बुजुर्गों से बात करके गांव का गौरव बढाने वाले व्यक्तियों के नामों को अंतिम रूप देगी और ये नाम ग्राम गौरव पट पर लिखे जाएंगे। इसमें गांव के स्वतंत्रता सेनानी या शहीद का नाम भी हो सकता है। श्री सारवान ने बताया कि ग्राम गौरव पट पर गांव के जिन व्यक्तियों के नाम लिखे जाएंगे,  उनकी सूची की एक प्रति ग्राम पंचायत को दी जाएगी जो उसे ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव रख कर अनुमोदित करवाएगी। इसी प्रकार, एक अन्य प्रति जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के माध्यम से जिला स्तरीय कमेटी में भेजी जाएगी, जो गौरव पट पर लिखी जाने वाली गाथा की शुद्धियों की जांच करेगी।  जिला स्तरीय कमेटी में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के अलावा,  हिंदी साहित्य के  प्राध्यापक, जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी, गांव के एक मौजिज व्यक्ति जिसे गांव के इतिहास का पूर्ण ज्ञान हो तथा एक उपदेेशक को शामिल किया गया है। श्री सारवान ने बताया कि सरकार की हिदायतों के अनुसार ग्राम गौरव पट पर स्वतंत्रता सेनानियों, युद्ध के शहीदों तथा आतंकवादी घटनाओं में शहादत को प्राप्त गांव के वीरों के नाम लिखे जा सकते हैं। इसके अलावा, गांव के उत्कृष्ठ खिलाड़ी जिन्होंने राष्ट्रीय अथवा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है और अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि वाले उस गांव के लोगों के नाम शामिल किए जा सकते हैं। विशिष्ठ उपलब्धियों में जैसे गांव का कोई व्यक्ति भारत का राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या प्रदेश का राज्यपाल, मुख्यमंत्री सरीखे पदो पर रहा हो। इस गौरव पट पर सबसे ऊपर लिखा होगा कि ‘‘इस गौरव पट का अनादर ग्राम का अनादर है।’’  ग्राम गौरव पट लगाने के कार्य की निगरानी के लिए भी विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया हुआ है। इस कमेटी में पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता तथा जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी को सदस्य के रूप में और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को सदस्य सचिव के तौर पर शामिल किया गया है। अब राज्य सरकार ने प्रत्येक गांव में ग्राम गौरव पट लगाने के कार्य को गति देने के लिए ग्राम स्तरीय सब कमेटी बनाई है। गुरुग्राम जिला में 203 गांवों में ग्राम गौरव पट लगाए जाने हैं जिसमें से एक गांव में अब तक इस प्रकार का गौरव पट लगाया जा चुका है। समझा जा रहा है कि अब प्रत्येक गांव में गौरव पट लगाने के कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा और जल्द ही जिला के हर गांव के बाहर उस गांव की गौरव गाथा लिखे ग्राम गौरव पट नजर आएंगे।

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