नवजन चेतना मंच की दूसरी बैठक संपन्न

गुरुग्राम। नवजन चेतना मंच की बैठक में प्रदेश सरकार की जनविरोधी कार्यप्रणाली पर जमकर रोष प्रकट किया गया। मंच की यह दूसरी बैठक थी, जिसका आयोजन रविवार को सेक्टर 47 स्थित कम्युनिटी सेंटर में हुआ। बैठक में हर वर्ग के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मंच के संयोजक वशिष्ठ गोयल ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार आम आदमी के लिए सही प्रकार से कामकाज नहीं करती तो उसकी आलोचना की जानी चाहिए। उन्होंने मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों को सही बताते हुए कहा कि आज प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। अपराध निरंतर बढ़ रहे हैं। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। महंगाई के मुद्दे पर जनता की वोट लेकर सत्ता में आई भाजपा सरकार महंगाई पर अंकुश नहीं लगा पाई है, जिसके चलते आम आदमी लगातार परेशान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार खत्म करने का दम भर रही है लेकिन हकीकत में भ्रष्टाचार वहीं का वहीं खड़ा है। लोगों के काम नहीं होते और उन्हें लगातार चक्कर कटाए जाते हैं। ऐसे में परेशान व्यक्ति भ्रष्ट तंत्र को रिश्वत देने के लिए मजबूर हो जाता है। इसका फायदा भ्रष्टाचार में डूबा हुआ तंत्र आज भी उठा रहा है। इस पर अंकुश लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर प्रदेश की भाजपा सरकार जनता की कसौटी पर खरी नहीं उतरी है।
बैठक को संबोधित करते हुए मंच के अध्यक्ष डॉ. सवर्दानंद आर्य ने कहा कि मंच का एक ही नारा ‘नवजन मंच का है आहवान, न्याय, सुरक्षा और सम्मान’ है। उन्होंने कहा कि मंच का उद्देश्य हरियाणा के प्रत्येक नागरिक को सम्मान और सुरक्षा तथा भ्रष्ट तंत्र से राहत दिलाना है और इसके लिए नवजन चेतना मंच का संघर्ष जारी है। उन्होंने कहा कि नवजन चेतना मंच आम आदमी की आवाज़ कुंभकर्णी नींद में सो रही सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने और उसे जगाने का काम करेगा। इस बैठक में मंच के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर जमकर भड़ास निकाली।
मंच के मीडिया प्रभारी विनोद नंबरदार ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सैक्टर 29 स्थित जिमखाना क्लब का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार का एक अधिकारी तो निजी कैटर्स से सांठ-गांठ करके जिमखाना क्लब के सदस्यों के हितों को उसके पास गिरवी रख देता है और मात्र कुछ लाख रुपए लेकर उससे करोड़ों रुपए कमाने का लाइसेंस प्रदान कर देता है। ठीक इसके विपरीत सरकार का ही उच्चाधिकारी इस मामले को गलत करार देकर इस मामले का टेंडर दोबारा करने की बात कहता है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार में भ्रष्टाचार की जड़ें जमी हुई हैं और अब इस बात का खुलासा होना बाकी है कि भ्रष्टाचार की यह राशि कहां तक पहुंचाई जाती है। इस बैठक में मंच के प्रचार प्रभारी कृष्ण यादव व कोषाध्यक्ष राजकमल सिंगला मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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