लोकप्रिय गीतों के साथ याद किया जाएगा सलिल चौधरी को

नई दिल्ली। गायिका और संगीतकार, रूनकी गोस्वामी महान भारतीय संगीतकार सलिल चौधरी को उनके जन्मदिन पर याद करते हुए उनके यादगार गीतों को प्रस्तुत करेंगी। रूनकी आने वाली 27 अक्टूबर, 2017 को उनके जन्मदिन पर इंडिया हैबीटेट सेंटर, नई दिल्ली पर लाइव गायन से सलिल चौधरी का संगीत श्रोताओं के सामने पेश करेंगी।  लोक संगीत की दुनिया में रूनकी एक जाना माना नाम है। उनकी खूबसूरत आवाज ने उन्हें 17 अलग अलग क्षेत्रीय भाषाओं में कई शानदार लाइव शो में लोक संगीत को प्रस्तुत करने का मौका दिया है। नई पीढ़ी के रैप  गीतों के दौर में भारतीय संगीत के स्वर्णिम दौर के कई गीत आज भुला दिए गए हैं और आज उनको नई पीढ़ी के श्रोताओं के सामने फिर से प्रस्तुत करने की जरूरत है। इसी उद्देश्य के लिए रूनकी सलिल चौधरी के  यादगार गीतों को प्रस्तुत करेंगी जिनमें ‘जिंदगी कैसी है पहलीÓ, ‘मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने सजाए  ‘जानेमन जानेमन तेरे दो नयनÓ, ‘रजनीगंधा फूल तुम्हारेÓ, ‘ना जिया माने नाÓ, ‘दिल तड़प तड़प के कह रहा है  और ‘ना जाने क्यों होता है ये जिंदगी के साथÓ शामिल हैं। वर्तमान बॉलीवुड के अधिकांश गीतों में शानदार बीट, आकर्षक गीत हो सकते हैं, लेकिन इनमें कई ऐसे पहलू नहीं हैं जो कि लंबे समय तक प्रभाव डालते हैं। ऐसे में इस माहौल से बाहर निकलते हुए संगीत के उसी  स्वर्णित दौर में पहुंचना एक शानदार अनुभव रहेगा और इस कॉन्सर्ट के दौरान रूनकी स्वामी ने सलिल चौधरी  की यादों को जिंदा करेंगी। रूनकी, संगीत को समर्पित सुश्री रूनकी गोस्वामी, एक संगीतमय परिवार से हैं और वे बचपन से हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत सीख रही हैं। उन्होंने कई सारे लाइव शो और प्लेबैक गायन किया है। उन्होंने कई हिंदी एल्बमों जैसे ‘मनमर्जीयांÓ और ‘उड़ी  चुनर धानीÓ और बंगाली एल्बम जैसे ‘देबोबीनाÓ में भी योगदान देते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भारतीय सिनेमा के साथ उनका सफर 2013 में शुरू हुआ, और उन्होंने तेलंगाना में एक तेलगू फिल्म का संगीत निर्देशन किया। रूनकी, विश्वास, प्रतिभा, आत्म-अनुशासन और दृढ़ संकल्प का एक अद्वितीय मिश्रण है। वर्तमान में वह गुडग़ांव स्थित एक एमएनसी में काम कर रही है। वे अपने दोनों कामों में शानदार ढंग से समय प्रबंधन कर रही हैं और इन अलग अलग दोनों दुनिया का आनंद ले रही हैं।

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