जीएसटी की प्रक्रिया को सरल बनाने की आवष्यकता : नवीन गुप्ता

गुरुग्राम, 7 सितम्बर। गुरुग्राम टैक्सेषन बार ऐसोसिएषन के प्रधान नवीन गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि हम लोग कर सलाहकार है, जो कि अब जीएसटी से परेषान होने लगे हैं । प्रधान ने कहा कि सरकार ने जो जीएसटी में मासिक रिर्टन दाखिल करने का प्रावधान किया है, वह एकदम गलत है। क्योंकि सरकार का पोर्टल बहुत ही धीमा काम कर रहा है। पोर्टल पूरे दिन में मुष्किल से तीन से चार घंटे ही काम कर रहा है। इतने कम समय में कोई भी कर सलाहकार किसी भी व्यापारी का रिर्टन नहीं भर सकता है। प्रधान ने कहा आगे कि वकीलों द्वारा स्टॉफ बढ़ा लेने के बावजूद भी रिर्टन नहीं भरी जा पा रही है, क्योकि एक तो सिस्टम धीमा है वहीं सरकार ने रिर्टन को इतना ज्यादा दुष्वार बना दिया है कि कोई भी व्यापारी या वकील इस रिर्टन को चार से पांच घंटे से पहले भर ही नहीं सकता है। कर सलाहकारों ने षिकायत की कि काम के बोझ के कारण व्यापारियों एवं वकीलों को बीमार होने का खतरा महसूस होने लगा है। एक महीने में तीन-तीन रिर्टन भरना बहुत ही अस्वभाविक है। एक तरफ तो सरकार कहती है कि हमने टैक्स भरने की प्रक्रिया को आसान बना दिया हैं, वहीं दूसरी तरफ 26 पेज का रिर्टन कार्य पोर्टल पर व्यापारियों व वकीलों को भभरने के लिए दे दिया है। उन्होंने कहा कि हम जीएसटी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसकी प्रक्रिया को सरल बनाने की आवष्यता है। गुरुग्राम टैक्सेषन बार एसोसिएषन ने पत्र लिखकर सरकार को रिर्टन को आसान बनाने की मांग की है। गुरुवार को एसोसिएषन के प्रधान नवीन गुप्ता, उप-प्रधान वी के चौहान, सचिव जग भूशण गुप्ता, जिला बार एसोसिएषन के प्रधान सुदेष यादव ने डीसी को ज्ञापन दिया। डीसी ने आष्वासन दिया कि वे जल्द ही टैक्स बार पदाधिकारियों व सदस्यों की चंडीगढ़ के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कराएगें। जिससे कि वकीलों को रिर्टन भरने में आसानी हो सके।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *