स्कूल, कॉलेजों के बच्चों ने दिखाई प्रर्तिभा

गुरूग्राम। पर्यावरण प्रदूशण के दुश्प्रभावों का मानव जीवन पर कितना असर पड़ रहा है, और पौधारोपण से हम किस प्रकार साफ-स्व’छ हवा में सांस लेकर स्वस्थ जीवन गुजार सकते हैं, इन सब पर स्कूल, कॉलेज विद्यार्थियों ने मंगलवार को खुलकर अपने विचार व्यक्त किये। मानव जीवन में पेड़ों का महत्व विशय पर स्कूल एवं कॉलेज स्तर की अलग-अलग हुई व्याख्यान प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने जिस प्रकार अपनी प्रस्तुति दी उससे निर्णायक मंडल को भी विजेताओं का चयन करने में खासी मस्कत करनी पड़ी। द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय में हुई स्कूल स्तर की व्याख्यान प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि, स्टारेक्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा अषोक दिवाकर तथा राजकीय महाविद्यालय सेक्टर-9 में हुई कॉलेज स्तर की प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि, षिक्षाविद डा अनिता बहल के मुताबिक ब’चों ने जिस प्रकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्षन किया उससे यह स्पस्ट हो गया कि ब’चे भी प्रदूशण की समस्या को लेकर चिंतित व पौधारोपण को लेकर काफी जागरूक हैं।
द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संगीता षर्मा और राजकीय महाविद्यालय सेक्टर-9 की प्राचार्या श्रीमती इंदु जैन का कहना है कि उन्हें इस बात की खुषी है कि विद्यार्थी समाज की प्रदूशण जैसी गंभीर समस्या के प्रति न केवल जागरूक हैं बल्कि वे समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करना चाहते हैं। व्याख्यान के माध्यम से उन्होनें जो संदेष छोड़ा है उसका निष्चय ही प्रभाव होगा।
द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय में हुई प्रतियोगिता के निर्णायक डा मीनाक्षी पांडे व डा प्रवीन यादव तथा राजकीय महाविद्यालय सेक्टर-9 कॉलेज में निणार्यक प्रोफेसर सविता दलाल, डा संतोश मोर एवं श्रीमती इंदु षर्मा ने कहा कि ब’चों ने प्रस्तुति से सभी को प्रेरित एवं प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि विधायक उमेष अग्रवाल के नेतृत्व में जल-वायु संरक्षण समिति पर्यावरण संरक्षण की दिषा में बेहतर काम कर रही है। गुरूग्राम में ही नहीं संभवत हरियाणा में यह अपनी तरह का अकेला एवं पहला कार्यक्रम है जिसके तहत दस लाख पौधे लगाने के अभियान के साथ-साथ स्कूल कॉलेजों में प्रतियोगिता के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय एवं राजकीय महाविद्यालय सेक्टर-9 में अपने संबोधन में जल-वायु संरक्षण समिति के अध्यक्ष सुखबीर चौहान ने कहा कि सही मायने में विद्यार्थी ही पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के सबसे मजबूत राजदूत हैं। जो संदेष ब’चे समाज को देंगे उसका प्रभाव लंबे समय तक कायम रहेगा। आज के दिन जो ब’चे स्वयं पौधारोपण करेंगे वे जीवन पर्यन्त इस पुनीत कार्य से जुड़े रहेंगे और समाज के अन्य लोग उनका अनुसरण करेंगे।
दोनों कॉलेज की प्राचार्या श्रीमती इंदु जैन व श्रीमती संगीता षर्मा ने विद्यार्थियों को उनकी प्रस्तुति के लिए बधाई देते हुए विष्वास व्यक्त किया कि उनके षब्द प्रतिफल देने वाले साबित होंगे। निर्णायक मंडल में षामिल श्रीमती सविता दलाल, श्रीमती इंदु षर्मा, डा संतोश मोर, डा मीनाक्षी पांडे व डा प्रवीण यादव ने भी ब’चों के व्याख्यान व उनके संदेष की प्रषांसा की।
प्रतियोगिता आयोजन में सेक्टर-9 कॉलेज के कैप्टन राजकुमार, प्रोफेसर मीनू षर्मा, द्रोणाचार्य महाविद्यालय की श्रीमती जगदंबे वर्मा, सेक्टर-14 कॉलेज के डा लोकेष षर्मा, नरेंद्र दहिया सहित तीनों कॉलेजों के स्टॉफ व प्रोफेसर्स के अलावा जल-वायु संरक्षण समिति के महासचिव धमेन्द्र बजाज, तिलकराज बांगा, जगदीष सचदेवा, अलका चौधरी, भविशा, मीनाक्षी षर्मा, अजय जग्गी सहित कई अन्य लोगों का सहयोग उल्लेखनीय रहा।

 

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