जवानों ने गुरू द्रोणाचार्य मेट्रो स्टेशन पर किया मॉक ड्रिल


गुरुग्राम। किसी भी आपदा से कम से कम समय में निपटने की तैयारियों का आंकलन करने के लिए आज सैन्ट्रल इंडस्ट्रीयल सिक्योरिटी फोर्स(सीआईएसएफ) व हरियाणा पुलिस द्वारा जिला के गुरु द्रोणाचार्य मैट्रो स्टेशन पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल की सीआईएसएफ के अलावा किसी को भी जानकारी नही थी। आज प्रात: ठीक 11 बजे द्रोणाचार्य मैट्रो स्टेशन के स्टेशन कंट्रोलर को कि सी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया कि उनके स्टेशन पर एक बैग में बम रखा हुआ है। इसके बाद सीआईएसएफ, जिसे इन दिनों मैट्रो की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी हुई है, का पूरा अमला तत्काल हरकत में आ गया। स्टेशन कंट्रोलर ने उसी समय मैट्रो स्टेशन के शिफ्ट इंचार्ज को सूचित किया और पुलिस, फायर ब्रिगेड आदि को भी साथ ही सूचना भेज दी गई। सीआईएसएफ की अतिरिक्त मैनपावर भी वहां पहुंची और मैट्रो स्टेशन पर सर्च ऑप्रेशन चलाया गया। इस बीच स्टेशन पर मौजूद लोगों को बिना अफरा-तफरी के स्टेशन का कंकोर्स लेवल(प्लेटफार्म से नीचे वाला तल) खाली करने के लिए कहा गया। चुंकि इस मॉक ड्रिल के दौरान मैट्रो की सेवाएं बंद नही की गई थी, इसलिए दूसरे रास्ते से प्लेटफार्म पर जाने के लिए यात्रियों का मार्गदर्शन किया गया।
सीआईएसएफ की टीम ने हरियाणा मैट्रो रेल पुलिस के साथ मिलकर सर्च आप्रेशन चलाया। बम की तलाश करके उसको निष्क्रिय करना जरूरी था, इसलिए सीआईएसएफ का बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वैड भी पहुंचा। उनके पास स्नीफर डॉग के अलावा एक्सपलोजिव वाइपर डिवाइस भी था। स्टेशन के कनकोर्स लेवल के पूरे क्षेत्र को कार्डन ऑफ(घेराबंदी करके अलग करना) किया गया। इसी लेवल पर एक कोने में एक लावारिस बैग मिला जिसकी जांच स्नीफर डॉग ने करने उपरांत इशारा किया कि इसमें किसी प्रकार का एक्सप्लोसिव अथवा विस्फोटक वस्तु नही है। फिर भी एहतियात के तौर पर एक्सप्लोसिव वाइपर डिवाइस से उसे अच्छी तरह से चैक किया गया और पाया गया कि स्टेशन पर बम होने की सूचना निराधार थी। यह सूचना हॉक्स कॉल अर्थात् अफवाह थी। यह मॉक ड्रिल प्रात: 11 बजे शुरू होकर लगभग एक घंटे तक चली। इसमें इफको चौंक मैट्रो स्टेशन पर बने हरियाणा मैट्रो रेल पुलिस थाना के कर्मचारियों ने भी सहयोग दिया। सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट प्रवीण चौहान, असिस्टेंट कमांडेंट एस मुखर्जी, रिजर्व इंस्पेक्टर राजेन्द्र सिंह तथा उनकी टीम ने लावारिस बैग को खोजने तथा उसमें विस्फोटक वस्तु नही होने की पुष्टि करने के कार्य में अहम् योगदान दिया। मॉक ड्रिल के बारे में रिजर्व इंस्पैक्टर राजेन्द्र सिंह ने बताया कि सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने के उद्द्ेश्य से सीआईएसएफ व हरियाणा पुलिस द्वारा समय समय पर मॉक ड्रिल करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा इंतजामों की तैयारियों की समीक्षा की जाती है ताकि इस ड्रिल में पाई जाने वाली कमियों को दूर करके भविष्य में लोगों की सुरक्षा के और कड़े इंतजाम किए जा सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *