आरएसएस ने भगवा ध्वज को गुरू मानकर गुरू पूर्णिमा पर की पूजा


गुरूग्राम। गुरूग्राम की नगरी में गुरूओं की पूजा करने का अगल-अलग तरीका है। ऐसा ही एक तरीका राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ताटों ने गुरूओं की पूजा करके दिखाया। सेक्टर-12 संघ माधव भवन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शारीरिक प्रमुख भगवंत जी ने की। कार्यक्रम का नेतृत्व महेश नगर कार्यवाह की देख-रेख में किया गया। इस अवसर पर प्रमुख वक्ताओं ने अपने भाषण दिये और उससे पहले सभी ने भगवा ध्वजा की पूजा की। यह जानकारी शीतला माता श्राइन बोर्ड के सदस्य पंडित अमर चंद्र भारद्वाज ने दी।
भगवंत जी ने कहा कि प्राणी के अंदर अहंकार होता है इसलिए आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना डाक्टर हेड गेवार ने की। वह आरएसएस के नींव रखने वाले पहले व्यक्ति थे। तभी से यह संघ चलता आ रहा है। संघ के कार्यकर्ताओं को उनकी बातें काफी अच्छी लगी और उनके साथ उनके समर्थक जुड़ते गए और पूरे देश में संघ के कार्य को अधिकांश जनता जानती है। संघ दुश्मन के आगे न कभी झुका है और न कभी झूकेगा। ऐसा संदेश वह कार्यकर्ताओंं के जिम्मे छोडक़र गए थे। संघ राष्ट्रहित पहले सोचता है और बाद में अन्य कार्य करता है। आज भी उनकी यह डाली हुई परंपरा जीवित है और संघ के कार्यकर्ता उनके लक्ष्य को साथ लेकर चल रहे हैं। आज गुरू पूर्णिमा एवं व्यास पूर्णिमा पर सभी कार्यकर्ताओं ने भगवा ध्वजा को अपना गुरू मानकर पूजा की। इस अवसर पर अधिकांश कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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